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कहते हैं कि चाय सेहत के लिठकई तरह से फायदेमंद होती है लेकिन इसमें मौजूद कैफीन और शà¥à¤—र का अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में होना बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसही नहीं माना जाता है। अगर आप à¤à¥€ अपने बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को चाय पिलाते हैं, तो पहले ये जान लें कि बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को चाय पीनी चाहिठया नहीं और उनके लिठइसके फायदे और नà¥à¤•सान कà¥â€à¤¯à¤¾ हो सकते हैं।
​कà¥â€à¤¯à¤¾ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को चाय पिला सकते हैं
आमतौर पर बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को चाय पीने की सलाह नहीं दी जाती है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें नैचà¥à¤°à¤² कैफीन होता है। उताह हेलà¥â€à¤¥ साइंसेस की यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ के डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° सिडनी गेलनर के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मीठे कैफीनयà¥à¤•à¥â€à¤¤ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥â€à¤¸ का अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन करने से बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के दांतों में कैविटी हो सकती है। इसके अलावा कैफीन पीने की वजह से पेशाब à¤à¥€ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आ सकता है।
कैफीनयà¥à¤•à¥â€à¤¤ चाय की जगह हरà¥à¤¬à¤² टी पी सकते हैं। हालांकि, इस बात का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि चाय में कोई à¤à¥€ à¤à¤¸à¥€ चीज ना हो, जो सेहत के लिठहानिकारक हो।
​बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को चाय किस उमà¥à¤° से दें
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को किस उमà¥à¤° से चाय पिलानी चाहिà¤, इस पर कोई अधà¥â€à¤¯à¤¯à¤¨ मौजूद नहीं है। हालांकि, आपको इसमें मॉडरेशन कर के ही चाय पीनी चाहिठऔर इसमें कैफीन सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में होना चाहिà¤à¥¤ तà¤à¥€ इसका कोई खास नà¥à¤•सान नहीं होगा।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को कैफीन कम से कम देने की जरूरत है। अमेरिकन à¤à¤•ेडमी ऑफ पीडियाटà¥à¤°à¤¿à¤•à¥â€à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ और टीà¤à¤¨à¤œ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को कैफीनयà¥à¤•à¥â€à¤¤ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥â€à¤¸ का सेवन सावधानी से करना चाहिà¤à¥¤ 12 से 18 साल की उमà¥à¤° के बीच में 100 मि.गà¥à¤°à¤¾ कैफीन ले सकते हैं यानि दिन में à¤à¤• या दो कप चाय। वहीं 12 साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को चाय बिलकà¥à¤² नहीं पीनी चाहिà¤à¥¤
​बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के लिठचाय के नà¥à¤•सान
अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में चाय पी लेने से बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में निमà¥â€à¤¨ साइड इफेकà¥â€à¤Ÿà¥à¤¸ हो सकते हैं :
इससे बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ का विकास, वà¥â€à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° और नींद पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकती है। चाय में मौजूद शà¥à¤—र की वजह बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को वजन बढ़ने की शिकायत हो सकती है।
चाय या कॉफी पीने से बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में टाइप 1 डायबिटीज हो सकता है। अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में कैफीन लेने से बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को घबराहट हो सकती है।
शà¥à¤—र यà¥à¤•à¥â€à¤¤ चाय से कैलोरी जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकती है जिससे हारà¥à¤Ÿ डिजीज, दांतों में कीड़ा लग सकता है।
​बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को चाय पिलाने के फायदे
कोई à¤à¥€ चीज सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में लेने पर नà¥à¤•सान नहीं पहà¥à¤‚चाती है। चाय पीने से बà¥à¤–ार कम होता है। यह बदन दरà¥à¤¦ और पेट दरà¥à¤¦ से आराम दिलाती है। चाय खांसी और जà¥à¤•ाम को ठीक करने में मदद करती है। इससे बचà¥â€à¤šà¥‡ का शरीर हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रहता है।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के चाय बनाते समय उसमें चाय की पतà¥à¤¤à¥€ कम डालें। आप दो से चाय मिनट तक चाय के पानी को उबालें। अगर चाय कड़क है, तो उसमें थोड़ा और पानी डालें। आप बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को कैमोमाइल टी, अदरक की चाय और सौंफ की चाय दे सकते हैं। ये चाय सेहत को कà¥à¤› ना कà¥à¤› लाठही पहà¥à¤‚चाती हैं। हालांकि, आपको इस बात का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है कि 12 साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को चाय नहीं पिलाà¤à¤‚।
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